सरकार काले कानूनों के जरिए किसानों का गला घोंटने का काम कर रही है।-शिव प्रकाश

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सीतापुर
लहरपुर सीतापुर। संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वाधान में स्थानीय तहसील के निकट पक्का तालाब परिसर में किसान संगठनों की स‍ंयुक्त बैठक संपन्न हुई। बैठक को संबोधित करते हुए भारतीय किसान मंच के प्रदेश अध्यक्ष शिव प्रकाश सिंह ने उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि यह सरकार काले कानूनों के जरिए किसानों का गला घोंटने का काम कर रही है। सचेन्द्र दीक्षित ने एमएसपी की गारंटी की बात उठाते हुए सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि यह सरकार एमएसपी को कानून के अंतर्गत लाने और गारंटी की बात पर कुछ सुनने को तैयार नहीं। उमेश पांडे ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि इन काले कानूनों के चलते एक दिन हम लोगों के जमीनों के बिकने की नौबत आ जाएगी। जहां-जहां कांट्रैक्ट फार्मिंग हो रही है वहां वहां कंपनियों की तानाशाही चल रही है। इसी तानाशाही को यह सरकार पूरे देश में लागू करना चाहती है। नंदकिशोर वर्मा ने लोगों से किसान बिलों के संबंध में आपस में एक दूसरे के बीच जागरूकता फैलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह सरकार किसान आंदोलन को दबाने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। हम सब को एकजुट होकर इस गूंगी बहरी सरकार तक अपनी बात पहुंचानी होगी। बैठक को संबोधित करते हुए अंबुज श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार ने जैसे धीरे-धीरे सार्वजनिक वितरण प्रणाली से मिट्टी का तेल चीनी समाप्त कर दी है, उसी तरह से यह सरकार मंडी व्यवस्था और एमएसपी को खत्म करने का कुचक्र रच रही है। जितेन्द्र सिंह ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना काल में जब अपने घर लौट रहे मजदूरों के साथ सरकार को खड़ा होना चाहिए था तब यह सरकार उन्हें सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर कर रही थी। संगतिन किसान मजदूर संगठन की रिचा सिंह ने कहा कि जब कालाबाजारी को रोकने के लिए खाद्य सामग्री के एक सीमा से अधिक भंडारण पर रोक का कानून था उसे समाप्त कर यह सरकार व्यापारियों को कालाबाजारी करने की छूट देने का काम कर रही है। उन्होंने जंगल में लगी आग को गौरैया द्वारा बूंद बूंद पानी से बुझाने की कोशिश का उदाहरण देते हुए कहा कि हमें तय करना होगा के इतिहास में हमारा नाम तमाशा देखने वालों में लिखा जाएगा या आग बुझाने वालों में? दिनेश शुक्ला ने कहा कि यह सरकार किसान आंदोलन को भ्रम फैलाकर खत्म करना चाहती है उन्होंने कहा कि इतनी बुरी स्थिति हो चुकी है कि अब लोग सांड़ों से अपनी फसल बचाने की बात नहीं करते बल्कि जान बचाने की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि हम यह सोच लेंगे कि दिल्ली वाले अपनी लड़ाई खुद लड़ लेंगे तो हमें भी मिलेगा। यह सोचते हुए बैठे रहे तो हम सब कभी बच नहीं पाएंगे हम सब को एकजुट होना होगा। बैठक को अन्य जिन लोगों ने संबोधित किया उनमें गुरपाल सिंह, शेख फारूक अहमद, पिकू मिश्रा प्रमुख रूप से शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक पिन्दर सिंह सिद्धू ने किया। इस अवसर पर शोभा लोधी ,डॉ इस्लामुद्दीन, मासूम अली, गुड्डू सिंह, डा०आनन्द, पूर्व प्रधान कमलेश, अनिल सिंह, शिवम् सिंह, आबिद अली, सलीम बेग, शैलेन्द्र राज, रामहेत, धर्मेंद्र सिंह, प्रेम सिंह, तरन सिंह, राम दुलारे द्विवेदी, पूर्व प्रधान बड़कन्नू, नेता सिंह, मंगल सिंह सहित 1 सैकड़ा से अधिक पदाधिकारी व किसान उपस्थित रहे।

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