आखिर जिदंगी की जंग हार गया सबका चहेता आशीष बाजपेई “विक्की”

RtvBharat24
सीतापुर।
महोली नगर में अपनी व्यवहारिकता के लिऐ मशहूर आशीष बाजपेई “विक्की” एक लंबी जद्दोजहद के बाद बुधवार को जिदंगी की जंग हार गये। विक्की कई दिन से साँस लेने में आयी समस्या से जूझ रहे थे। तमाम जतन के बाद उन्हें राजधानी के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था। चार दिन से उनकी हालत स्थिर बनी हुई थी। बुधवार की दोपहर उनकी सासें थम गयीं। इसकी खबर जैसे ही हुई,लोगो का तांता उनके अंतिम दर्शन के लिऐ उनके निवास मास्टर कालोनी पर उमड़ पड़ा। देर शाम बड़े गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार कठिना तट के मुक्तिधाम पर किया गया। बता दें!ब्रम्हावली निवासी बीआरसी समन्यव्यक रहे प्रेम सागर बाजपेई के छोटे पुत्र व मनीष बाजपेई के अनुज विक्की बाजपेई एक शिक्षक के रूप में अपना योगदान दे रहे थे। विक्की के निधन से गाँव ब्रम्हावली से लेकर समूचे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गयी। जिसने भी सुना वह आवाक रह गया। गमगीन माहौल में हर जुबां पर एक ही शब्द था कि व्यवहारिकता का जीता जागता उदाहरण थे विक्की। हर आखं नम थी वही तमामम सिसकियाँ रात के सन्नाटे को तोड़ रही थी। RtvBharat24 की टीम की श्रद्धांजलि..

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