आखिर गोवंशो की हत्या के मुख्य आरोपी को क्यों बचा रहे एसडीएम सिधौली

RtvBharat24
सीतापुर। कसमंडा ब्लॉक कर रेवरी गांव की गौशाला में गोवंशो को काटे जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गोवंशो की हत्या के मुख्य आरोपी निवर्तमान प्रधान लाल जी भार्गव को बचाए जाने के आरोप एसडीएम सिधौली पर लगे है। इस गौशाला में कई बार गोवंशो को काटे जाने की सूचना थी लेकिन चालाक गोवंश हत्यारे सारे सबूत नष्ट कर देते थे। बीती 13 मई को सुबह 10 बजे विश्वहिंदू परिषद के पदाधिकारियों को सूचना मिली कि कुछ लोग गौशाला के निकट गोवंश को काटकर उनका मांस चमड़ा निकालकर बोरियों में भर रहे हैं। विहिप व बजरंग दल के पदाधिकारी जब मौके पर पहुंचे तो दो-तीन लोग गौवंश को काट रहे थे जिस का वीडियो संगठन के पदाधिकारी में बना लिया। गोवंश को काट रहे लोगों ने निवर्तमान प्रधान व मौजूदा चुनाव में जीते लाल जी भार्गव के कहने पर कांटे जाने की बात स्वीकार की। किन्धौलिया गाँव निवासी शिवा सिंह पुत्र तेज प्रताप सिंह ने नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत पर पुलिस ने लालजी भार्गव सहित तीन अन्य पर मुकदमा पंजीकृत कर लिया। पुलिस ने जहां 3 लोगों का गोवध अधिनियम में चालान कर दिया वही लाल जी भार्गव को एसडीएम का संरक्षण मिलने के कारण रात में छोड़ दिया गया। विश्व हिंदू परिषद अवध प्रांत के जिला सहमंत्री अनूप मिश्रा सहित तमाम पदाधिकारियों ने एक हस्ताक्षरित पत्र जिले की नोडल अधिकारी मिनिस्ती एस को सिधौली निरीक्षण के दौरान सौंप कर एसडीएम सिधौली संतोष राय पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। सवाल उठना लाजमी है आखिर गोवंश के मुख्य हत्यारे को एसडीएम द्वारा बचाने के पीछे क्या राज है। सोमवार को विहिप व बजरंग दल के पदाधिकारियों ने डीएम विशाल भारद्वाज से मिलकर एसडीएम द्वारा मुख्य आरोपी से सांठगांठ को लेकर पत्र सौंपकर रोष व्यक्त किया।
पत्र सौपने वालों में मुख्य रूप से धर्मेन्द्र कुमार सिंह,उपेन्द्र त्रिपाठी,आचार्य मनीष पाडे,सोनू शुक्ला,जाग्रत मिश्रा,शिवम मिश्रा सहित दर्जनो पदाधिकारी मौजूद रहे।

*ग्राम विकास अधिकारी व प्रशासक एडीओ पंचायत निलंबित*

सीतापुर। गोवंश काटे जाने की सूचना पर मौके पर पहुँचे एसडीएम,क्षेत्राधिकारी सिधौली ने अपनी जाँच की रिपोर्ट ग्राम विकास अधिकारी व प्रशासक एडीओ पंचायत को दोषी करार देते हुऐ सौपी थी जिस पर डीएम विशाल भारद्वाज ने दोनो आरोपी के निलंबन किये जाने के आदेश मातहतो को दिये थे। की गयी कार्यवाई में दोनो का निलंबन कर दिया गया। आखिर जब सवाल उठा क्या समूचे तहसील में महज दो ही जिम्मेदार थे आखिर किसके ईशारे पर गोवंशो को धडल्ले से काटे जाने का सिलसिला जारी था। देर से सही सोमवार को प्रभारी निरीक्षक रामप्रकाश को लाइन हाजिर कर दिया गया। गौरतलब है अभी तक मुख्य आरोपी को जेल भेजने की कार्यवाही अंजाम में नही ला जा सकी। दूसरी विहिप व बजरंग दल के पदाधिकारियों ने एसडीएम संतोष राय पर मुख्य आरोपी को बचाने का आरोप लगाते हुऐ पत्र सोमवार को डीएम को सौपकर कार्यवाही की माँग की है। देखना है मुख्य आरोपी के विरुद्ध क्या कार्यवाही होती है।

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