नैमिष में विसर्जित की गयीं शहीद किसानों व पत्रकार की अस्थियाँ

RtvBharat24
-लखीमपुर खीरी में शहीद किसानों एवं पत्रकार की अस्थियां नैमिष
गोमती में विसर्जित

-किसानों की शहादत की भावना योगी-मोदी की तानाशाही को खत्म कर देगी- संयुक्त किसान मोर्चा

सीतापुर। संयुक्त किसान मोर्चा के द्वारा 3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय टेनी के बेटे द्वारा गाड़ी चढ़ाकर निर्ममता पूर्वक चार किसान सहित एक पत्रकार को शहीद कर दिया गया था, उन शहीद किसानों की अस्थियों को सोमवार शहीद पार्क में श्रद्धांजलि देते हुए शहीद पार्क लालबाग से रामकोट, वजीरनगर, कुतुबनगर , मिश्रिख, नरसिंघौली होते नैमिष तक लगभग 50 किमी की यात्रा की। शहीद किसानों की अस्थि कलश यात्रा को जगह-जगह लोगों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। रामकोट, गोरासी पुलिया, कुतुबनगर, नरसिंघौली किसान मजदूर एकता जिंदाबाद ‌के नारे के साथ बड़ी संख्या में मजदूर साथियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
शहीद पार्क से नवीन चौक तक एस डी एम सीतापुर एवं सीओ सिटी काफिले के साथ चले। नवीन चौक पर तक एस डी एम सीतापुर एवं सीओ सिटी काफिले के साथ चले। नवीन चौक पर अस्थि कलश लेकर चल रहे वाहन के पास आकर एस डी एम और सीओ सिटी ने ज्ञापन लिया।
इस यात्रा में चलते हुए ‌ किसानों ने कहा कि जब शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से 11 महीनों से नई दिल्ली के बॉडर पर चल रहे किसान आंदोलन को जब दबा नही पा रही है तो अब हिंसक रास्ते पर चलते हुए केंद्र सरकार के मंत्री के बेटे सीधे गाड़ियों से कुचलकर किसानों की निर्ममता पूर्वक हत्या कर रहे है, मोदी -योगी की सरकार अब संविधान और लोकतंत्र को धीरे धीरे खत्म करती जा रही है, किसानों की शहादत की भावना ही योगी- मोदी की फ़ासीवादी तानाशाही निज़ाम को खत्म कर देगी, किसानों का आंदोलन तीनों काले कानून के खिलाफ तो है ही साथ ही साथ निजीकरण/निगमीकरण के खिलाफ मेहनतकश आम अवाम की रोजी रोटी बचाने का भी संघर्ष है, यदि तीनो काले कृषि कानून और बिजली संसोधन 2021 कानून लागू हो जायेगा तो देश पुनः सरमायेदारों का गुलाम हो जायेगा, इसलिए हम लोग किसानों के साथ मजदूरों- छात्रों- नौजवानों की एकता बनाकर संवैधानिक लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाने के लिए शहादत देते हुए लगातार संघर्ष कर रहे है, तीनों काले कृषि कानून वापस हो, बिजिली बिल 2021 वापस हो, एम एस पी की लिखित गारंटी हो। इस मौके पर पिंदर सिंह सिद्धू, उमेश पाण्डे, गुरुपाल सिंह, ऋचा सिंह, अल्पना सिंह, शिवप्रकाश सिंह आदि
संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारी मौजूद रहे।

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